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Temple
काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
27 Sep, 2022

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भारत के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में काशी के बाबा विश्वनाथ का प्रमुख स्थान हैं। ऐसी मान्यता है कि काशी 'बाबा विश्वनाथ के त्रिशूल' पर टिकी हुई नगरी है। इतिहास के अनुसार काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण कार्य 11वीं शताब्दी से 15 वीं शताब्दी तक चलता रहा।  

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बताया जाता है कि यह मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती का आदि स्थान है। जिसका जीर्णोद्धार 11 वीं सदी में राजा हरीशचन्द्र ने करवाया था और वर्ष 1194 में मुहम्मद गौरी ने ही इसे तुड़वा दिया था। जिसे एक बार फिर बनाया गया लेकिन वर्ष 1447 में फिर इसे जौनपुर के सुल्तान महमूद शाह ने तुड़वा दिया। 

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वर्ष 1585 में राजा टोडरमल की सहायता से पंडित नारायण भट्ट ने इसे बनाया गया था लेकिन वर्ष 1632 में शाहजंहा ने इसे तुड़वाने के लिए सेना की एक टुकड़ी भेज दी। लेकिन हिंदूओं के प्रतिरोध के कारण सेना अपने मकसद में सफल न हो पाई। इतना ही नहीं 18 अप्रैल 1669 में औरंगजेब ने इस मंदिर को ध्वस्त कराने के आदेश दिए थे। साथ ही ब्राह्मणों को मुसलमान बनाने का आदेश पारित किया था। आने वाले समय में काशी मंदिर पर ईस्ट इंडिया का राज हो गया, जिस कारण मंदिर का निर्माण रोक दिया गया।  

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महारानी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा सन् 1780 में करवाया गया था। बाद में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा 1853 में 1000 कि.ग्रा शुद्ध सोने द्वारा बनवाया गया था।  

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बृहदेश्वर मंदिर, तंजौर
◆ भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में स्थान रखने वाला एक मंदिर है बृहदेश्वर मंदिर है। जिसे राजराजेश्वर मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में स्थित है| ◆ इस मंदिर का निर्माण 11वीं सदी के आरम्भ में 1003-1010 के मध्य दक्षिण भारतीय चोल वंश के महान शासक राजराज प्रथम के द्वारा कराया गया था। ◆ इस मंदिर का निर्माण पूर्णतया ग्रेनाइट पत्थरों से किया गया है। जो की विश्व में ग्रेनाइट से निर्म

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Kedarnath
केदारनाथ मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित हिन्दुओं का प्रसिद्ध मंदिर है। उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ चार धाम[क] और पंच केदार[ख] में से भी एक है। यहाँ की प्रतिकूल जलवायु के कारण यह मन्दिर अप्रैल से नवंबर माह के मध्‍य ही दर्शन के लिए खुलता है। पत्‍थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर के बारे में क